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सांगूधाम पर पंचायत आयोजित सोमबीर सर्वसम्मति से बने सांगवान खाप के प्रधान :

17 अप्रैल 2017 (चरखी दादरी) : दादरी जिले की सबसे बड़ी खाप सांगवान चालीस की प्रधानी को लेकर गत दिनों से चला आ रहा विवाद रविवार को गांव खेड़ी बूरा स्थित सांगू धाम पर आयोजित पंचायत में पूरी तरह से सुलझ गया। खाप की कोर कमेटी के अलावा खाप के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों ने सर्व सम्मति से सोमबीर सांगवान को प्रधान मानकर खाप के सभी फैसले लेने के लिए अधिकृत किया। प्रधान पद को लेकर बने दूसरे गुट ने भी सांगू धाम पर आपसी मनमुटाव दूर कर एक मंच पर आने का ऐलान करते हुए सोमबीर सांगवान की प्रधानी को सही माना। सोमबीर सांगवान ने भी अपने संबोधन में सभी को साथ लेकर चलने चलने की बात कही। सांगवान खाप चालीस की कोर कमेटी व कन्नी प्रधानों के अलावा खाप के तहत आने वाले सभी गांवों के प्रतिनिधियों की पंचायत रविवार सुबह गांव खेड़ी बूरा स्थित सांगू धाम पर आयोजित की गई। पंचायत की अध्यक्षता गांव चरखी के सरपंच गुलजारी लाल ने की व संचालन खाप के सचिव नरसिंह सांगवान डीपी ने किया। पंचायत की कार्रवाई शुरू होने से पूर्व कर्नल रिसाल सिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया। नरसिंह डीपी ने खाप प्रधान को लेकर अब तक हुई सभी गतिविधियों से पंचायत में उपस्थित सभी लोगों को अवगत करवाया। इस दौरान खाप की प्रधानी को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद को समाप्त कर एकजुट होने व एक व्यक्ति को निर्विरोध प्रधान बनाने के लिए विचार-विमर्श किया गया। पंचायत में विभिन्न वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखते हुए सर्वसम्मति से सोमबीर सांगवान को प्रधान बनाने का निर्णय लिया।

चरखी से ही प्रधान चुनने की परंपरा : दादरी जिले की सबसे बड़ी खाप सांगवान चालीस में करीब 53 गांव पड़ते है। इस खाप का सामाजिक तौर पर काफी दबदबा रहा है। खाप ने समय- समय पर अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए है। परंपराओं के अनुसार सांगवान खाप का सबसे बड़ा व खाप की निकासी का गांव चरखी माना जाता है। इस कारण इसी गांव से चुने जाना वाला प्रधान पूरी खाप का प्रधान माना जाता रहा है।

खाप प्रधानी को लेकर बन गए थे दो गुट : गत दिनों 27 मार्च को खाप के चालीस वर्ष तक प्रधान रहे वयोवृद्ध कर्नल रिसाल सिंह का निधन हो गया था। जिसके बाद से प्रधान पद के लिए यहां बैठकें आयोजित होनी शुरू हो गई थी। कर्नल रिसाल सिंह की रस्म क्रिया के बाद 5 अप्रेल को प्रधान पद के लिए गांव में पंचायत का आयोजन किया गया था। जिसमें दो दावेदारों ने प्रधान बनने की इच्छा जताई थी। पंचायत में काफी बहस व हंगामे के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता सोमबीर सांगवान को एक धड़े ने प्रधान चुनते हुए पगड़ी पहना दी थी। इसके तुरंत बाद दूसरे धड़े ने गांव के चौक में पंचायत कर दूसरे दावेदार सत्ते उर्फ सत्यपाल सांगवान को पगड़ी पहनाकर प्रधान घोषित कर दिया था। जिसके चलते सर्व सम्मति बनाने के लिए 11 तारीख को फिर से गांव में पंचायत का आयोजन किया गया था। इस पंचायत में पहले दूसरे धड़े का प्रधान बने सत्यपाल ने जहां अपना नाम वापिस ले लिया था वहीं पूर्व प्रधान कर्नल रिसाल सिंह के बेटे कर्नल अशोक ने अपना दावा पेश कर दिया था । इस पंचायत में भी पहले वाली स्थिति ही बनी थी। पंचायत में जहां बहुमत साबित करने पर सोमबीर सांगवान को प्रधान चुना गया था वहीं दूसरे गुट ने अलग से कर्नल अशोक को पगड़ी पहनाकर खाप प्रधान मान लिया था। हालांकि कोर कमेटी ने सोमबीर के नाम पर ही मुहर लगाई थी।

उठा था जातीय मुद्दा : पंचायत के दौरान पहले दो बार गांव चरखी में हुई पंचायतों में अलग से प्रधान बने कर्नल अशोक व पूर्व सरपंच जोरावर सिंह ने खाप प्रधानी के चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि क्या प्रधान का चुनाव गांव चरखी का जाट समाज करेगा या छत्तीस बिरादरी करेगी। इस पर उपस्थित सभी लोगों ने एकमत से छत्तीस बिरादरी द्वारा प्रधान चुनने की बात कही। जिस पर कर्नल अशोक व पूर्व सरपंच जोरावर सिंह दोनों ने पंचायत के फैसले को मानते हुए प्रधान सोमबीर सांगवान को बधाई दी।

सांगूधाम पर बनी सहमति : सांगवान खाप से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति गांव खेड़ी बूरा स्थित सांगूधाम के आगे नतमस्तक होता है। इसलिए खाप से जुडे सभी बड़े विवादों का फैसला सांगूधाम पर ही किया जाता है। यह फैसला सभी को मान्य होता है। सांगवान खाप में प्रधान पद की गुटबाजी को समाप्त करने के लिए ही सांगूधाम पर पंचायत आयोजित की गई थी। इसमें पूर्व प्रधान स्व. कर्नल रिसाल सिंह के पुत्र कर्नल अशोक सांगवान ने अपना नाम वापिस लेते हुए सोमबीर के नाम पर सहमति जताई। जिसके बाद सभी वक्ताओं व खाप प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से सोमबीर सांगवान को अधिकारिक रूप से सांगवान चालीस खाप का प्रधान नियुक्त किया। इस दौरान खाप की कोर कमेटी ने सोमबीर सांगवान को खाप द्वारा लिए जाने वाले सभी निर्णयों के लिए भी अधिकृत किया।

ये थे उपस्थित : बैठक में बिरही कन्नी प्रधान सूरजभान, झोझू कन्नी प्रधान सूरजभान, मा. प्रताप सिंह मानकावास, वेदपाल सांगवान एडवोकेट अटेला, राम सिंह तिवाला, रविंदर छपार, ईश्वर पैंतावास, मा. टेकचंद बादल, खाप प्रवक्ता रणधीर घिकाड़ा, राजसिंह बिरही कलां, यादराम शास्त्री, राजबीर मास्टर खेड़ी बूरा, दलबीर गांधी सरपंच झोझू कलां, महिपाल चरखी, मा. ब्रहमानंद खेड़ी, सुरेश पूर्व उप सरंपच झोझू, शमशेर सिंह पैंतावास, महेंद्र पूर्व सरपंच बिद्राबन, प्रीतम पूर्व चेयरमैन, सोमेश सरपंच घिकाड़ा, कप्तान राजमल, कप्तान सुरेंद्र, सज्जन खेड़ी बूरा, भूपेंद्र चरखी, पृथ्वी नंबरदार, यादराम शास्त्री, सुरेंद्र कुब्जानगर, ऋषिपाल आर्य, पूर्व सरपंच राजेश सांगवान, रामकुमार सोलंकी, अत्तर सिंह बलाली, पिन्टू झोझू,, जगरूप आर्य, हवा सिंह आदमपुर व देवी सिंह इत्यादि उपस्थित थे।

August 1, 2017 को प्रकाशित