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सांगवान खाप के प्रधान कर्नल रिसाल सिंह सांगवान नहीं रहे

27 मार्च 2017 (भिवानी) : क्षेत्र की सबसे बड़ी खाप माने जानी वाली सांगवान खाप के प्रधान कर्नल रिसाल सिंह सांगवान का सोमवार देर रात उनके निवास पर देहांत हो गया। वह 100 वर्ष के थे। मंगलवार को उनके पैतृक गांव चरखी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान कई राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता व विभिन्न खाप प्रतिनिधि शामिल हुएं। कर्नल रिसाल सिंह पिछले 37 वर्षों से खाप के प्रधान थे।

 गांव चरखी निवासी कर्नल रिसाल सिंह का जन्म 10 फरवरी 1916 में हुआ था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल में ही हुई। 1947 में आर्मी ऑर्डिनेंस में भर्ती हुए थे। सेना में उनके कार्य को देखते हुए उन्हें आर्मी की नीफा एजेंसी में शामिल किया। सेना में रहते हुए कर्नल रिसाल सिंह ने 1962, 1965 व 1971 की लड़ाइयों में हिस्सा लिया। 1972 में सेना से सेवानिवृति मिलने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

क्षेत्र की सबसे बड़ी सांगवान खाप द्वारा साल 1980 कर्नल रिसाल सिंह को सर्वसम्मति से खाप का प्रधान नियुक्त किया गया। क्षेत्र में अच्छी पैठ व उनके कार्यों की बदौलत पूर्व सीएम स्व. बंसीलाल ने वर्ष 1987 में उन्हें दादरी विधानसभा से कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया गया था। कर्नल रिसाल सिंह ने पूर्व सीएम मा. हुकम सिंह को यहां कड़ी टक्कर दी थी। कर्नल रिसाल सिंह ने इस चुनाव में 16245 वोट हासिल किए थे। कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ने के बाद कर्नल रिसाल सिंह स्व. देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला व अन्य राजनेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध रहे। पिछले 37 वर्षों से दादरी जिले में सांगवान खाप के करीब 60 गांवों में आपसी भाईचारा कायम करने के साथ-साथ सामजिक कार्यों में भी अहम भूमिका निभाई।

मंगलवार सुबह से ही चरखी गांव में कर्नल रिसाल सिंह के निवास पर उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया। दोपहर 2 बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। उनके बड़े बेटे कर्नल अशोक सिंह ने मुखाग्नी दी।

August 1, 2017 को प्रकाशित