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खाप ही ‘स्वर्ग’, अब यहीं तय होंगे रिश्ते – जागरण

नारनौंद [हिसार],  वैसे तो जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं, लेकिन सतरोल खाप के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब खाप ही ‘स्वर्ग’ बन गई है। एक ही गांव बास में शादी से वंचित 340 युवाओं को शहनाई बजने की उम्मीद जग गई है।

आदर्श सतरोल खाप द्वारा गत 20 अप्रैल को लिए गए फैसले के बाद करीब तीन हजार कुंवारों की शादी होने की उम्मीद जग गई है। बास गांव का युवा संगठन जल्द ही सर्वे कर पता लगाएगा कि पूरी खाप में कितने लोग शादी की आयु से आगे जा चुके हैं। मालूम हो कि खाप ने फैसला लिया था कि खाप के 43 गांव के आपस में रिश्ते-नाते खोले जाएं। कोई भी युवक अपना गांव, गोत्र और गुवांड को छोड़कर कहीं पर भी किसी भी जाति में अपने माता-पिता की रजामंदी से शादी कर सकता है।

340 कुंवारे मिले

बास गांव के बास बनारस युवा संगठन ने सर्वे भी आरंभ कर दिया। पाया गया कि 340 युवाओं की शादी नहीं हुई है और इनकी आयु बढ़ती जा रही है। संगठन के प्रधान शंकर शांडिल्य ने बताया कि कुंवारों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण है कि भ्रूण हत्या व शिक्षा का अभाव। संगठन जल्द ही सतरोल खाप के हर गांव में जाकर सर्वे करेगा और लोगों को भ्रूण हत्या व शिक्षा के प्रति जागरूक करेगा।

 

April 29, 2014 को प्रकाशित
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