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सांगवान खाप की महापंचायत - भ्रूण हत्या रोकने के लिए खाप के प्रत्येक गांव में कमेटी बनेगी
चरखी दादरी, जागरण संवाद केंद्र : इस क्षेत्र की सबसे बड़ी खाप सांगवान चालीस की रविवार को हुई महापंचायत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में उन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया जिनमें खाप के वैवाहिक रिश्तों में दादी और भांजी के गौत्रों में रिश्तों की छूट की बात कही जा रही थी। खाप की पंचायत ने पूर्व की तरह वैवाहिक रिश्तों में दादी व भांजी के गौत्रों को नकारने व विवाह संबंधों की पवित्रता बनाए रखने का निर्णय लिया है।
सांगवान खाप चालीस के प्रधान कर्नल रिसाल सिंह की अध्यक्षता में खाप के पावन स्थल गांव खेड़ी बूरा स्थित सांगू धाम पर सम्पन्न हुई। खाप की महापंचायत की कार्यवाही का संचालन सचिव धर्मवीर सिंह एडवोकेट चंदेनी ने किया। महापंचायत में खाप से जुड़े विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई तथा अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इनमें मा. ताराचंद सांगवान चरखी, मा. टेकचंद बादल, दलवीर गांधी झोझू, मा. टेकराम आर्य मंदोला, जोरावर सिंह चरखी, मा. रामफल खेड़ी, प्रो. राजेन्द्र सिंह डोहकी, विरेन्द्र सांगवान चरखी, सोमवीर सांगवान चरखी, ईश्वर सिंह कमाडेंट डोहकी, सूरजभान बिरही, रामसिंह तिवाला, पूर्व सरपंच कुलदीप झोझू, ईश्वर सिंह पैंतावास, कर्ण सिंह अटेला, राजमल खेड़ी इत्यादि प्रमुख थे। लंबे विचार विमर्श, वक्ताओं की तकरीरों के बाद सांगवान खाप चालीस की महापंचायत ने निर्णय लिया कि फिलहाल खाप के वैवाहिक रिश्ते पूर्व की तरह ही दादी व भांजी का गौत्र में नहीं हो सकेंगे। खाप ने नई सामाजिक पहल करते हुए बढ़ती भ्रूण हत्या पर चिंता जताई तथा इसे रोकने के लिए खाप के प्रत्येक गांव में कमेटी बनाने, व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। मृतकों के शोक के दिन 11 व 13 रखे गए लेकिन किसी को भी जरूरत के अनुसार इन्हें कम करने की छूट दी गई। सांगवान खाप ने अपने पूर्वज दादा सांगू की घोड़े पर सवार प्रतिमा बनवाने व इसे किसी मुख्य चौक पर स्थापित करवाने का निर्णय लिया गया। प्रतिमा के लिए खाप के प्रत्येक से चंदा एकत्रित करने का निर्णय लिया गया। इससे सभी का सहयोग लिया जाएगा।

June 27, 2012 को प्रकाशित
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